घोणसरी ग्रामपंचायत विकास योजना २०२४-२०२५
घोणसरी ग्रामपंचायत विकास योजना २०२४-२०२५
एकूण अंदाजित खर्च: ₹19,72,760
योजनांचा एकूण संख्येने तपशील: 27 उपक्रम
Theme 2 – आरोग्यदायी गाव (Healthy Village)
| क्र. | उपक्रम | वर्णन | खर्च |
|---|---|---|---|
| 1 | आपत्कालीन परिस्थितीतील आर्थिक मदत | आरोग्य उपकेंद्रांसाठी | ₹40,000 |
Theme 4 – पाणी पुरवठा व स्वच्छता (Water Sufficient Village)
| उपक्रम | खर्च (₹) |
|---|---|
| नळ योजना दुरुस्ती व वीज बिल भरपाई | ₹70,000 |
| सौर पंप बसवणे | ₹3,53,000 |
| आरोग्य उपकेंद्र प्रांगण फेंसिंग | ₹12,000 |
| पाणी शुद्धीकरण यंत्रणा (TCL Mediclore) | ₹3,690 |
| विहीर दुरुस्ती (बोंडगाववाडी) | ₹30,000 |
| विहीर गाळ काढणे व पुनर्भरण | ₹33,738 |
| सार्वजनिक संस्थांसाठी पाणीपुरवठा | ₹60,000 |
| पाणी प्रक्रिया प्रकल्प (SBM अंतर्गत) | ₹2,00,000 |
| अपंगांसाठी शौचालय / रॅम्प | ₹1,10,000 |
| महिलांसाठी स्वतंत्र शौचालये | ₹1,12,486 |
| पाणीसाठा विकास (स्मशानकडे रस्ता व इतर) | ₹1,04,984 |
| ग्रे वॉटर ड्रेनेज लाईन | ₹96,195 |
| ग्रे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट | ₹35,527 |
| अंगणवाडीसाठी शौचालय व दुरुस्ती | ₹36,230 |
Theme 5 – स्वच्छ व हरित गाव (Clean and Green Village)
| उपक्रम | खर्च (₹) |
|---|---|
| अंगणवाडीत शौचालय व कंपाउंड वॉल | ₹1,20,000 |
| कचरा डस्टबिन खरेदी | ₹38,690 |
| कचरा संकलनासाठी ट्रायसायकल व चार्जिंग पॉईंट | ₹63,738 |
| जैवखत प्रोत्साहन अनुदान | ₹30,000 |
| सौर स्ट्रीट लाईट (बोंडगाववाडी) | ₹78,114 |
| अंगणवाडीत सौर लाईट बसवणे | ₹75,000 |
| नव्या फळबागेचा विकास | ₹20,000 |
| रस्त्याच्या कडेला वृक्षारोपण | ₹15,630 |
Theme 6 – स्वयंपूर्ण पायाभूत सुविधा (Self-Sufficient Infrastructure)
| उपक्रम | खर्च (₹) |
|---|---|
| कचरा व्यवस्थापनासाठी कापडी पिशव्या वाटप | ₹40,000 |
| CSC को-लोकेशन व प्रशासकीय खर्च | ₹93,738 |
इतर देखभाल कामे (Own Fund – Maintenance)
| उपक्रम | खर्च (₹) |
|---|---|
| पारंपरिक तलाव देखभाल | ₹50,000 |
| पाणी प्रक्रिया प्रकल्प देखभाल | ₹50,000 |
महत्वाचे मुद्दे:
पाणी पुरवठा, स्वच्छता व आरोग्य हे मुख्य लक्षाचे क्षेत्र आहे.
एकही योजना SC/ST निधीतून नाही, सर्व योजना सामान्य निधी (General Fund) मधूनच आहेत.
सौर ऊर्जा, जैवखत, फळबागा आणि अंगणवाड्यांवर भर आहे.
शाळा/सार्वजनिक ठिकाणी अपंगांसाठी रॅम्प व महिला-पुरुषांसाठी वेगवेगळे शौचालय, म्हणजे समावेशक योजना राबवली जात आहे.
